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वाहनोंं में आगजनी की घटना के बाद जनप्रतिनिधियों पर टूटा जवानों का कहर…

सीआरपीएफ जवानों पर ग्रामीणों ने लगाया मारपीट का आरोपझूठे प्रकरण में जेल भेजने की धमकी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल...

सुकमा. सड़क निर्माण में लगी वाहनोंं में आगजनी की घटना के बाद गांव के जनप्रतिनिधियों पर सीआरपीएफ और पुलिस का कहर टूट पड़ा. घटना के दूसरे दिने गांव के पूर्व सरपंच महादेव मुचाकी, जनपद सदस्य मानकाराम सोढ़ी एवं वर्तमान सरपंच रामकुमार पोड़ियाम के साथ नक्सलियों के बहाने वाहनों में आगजनी का आरोप लगाते हुए जमकर मारपीट की गई. इसके अलावा कुकानार थाना प्रभारी द्वारा थाने में बुलाकर पूर्व जनपद अध्यक्ष देवाराम मंडावी के साथ जातिगत गाली गलौच की गई. उक्त संदर्भ में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने सीआरपीएफ जवानोंं और कुकानार थाना प्रभारी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक सुकमा से शिकायत करते हुए कानूनी कार्रवाई  करने की मांग की है.

ज्ञात हो कि कुकानार थाना क्षेत्र के तराईटिकरा और धनीकोड़ता के बीच सड़क निर्माण में लगी वाहनों में बुधवार—गुरूवार की रात को नक्सलियों ने आगजनी की थी. एसपी को सौंपे शिकायत पत्र में लिखा है कि दूसरे दिन ग्रामीणों ने कुंदनपाल स्थित सीआरपीएफ कैंप और थाना कुकानार को घटना की सूचना दी. सीआरपीएफ के जवानों ने पूर्व सरपंच महोदव मुचाकी, मानकाराम सोढ़ी और सरपंच रामकुमार पोड़ियाम के साथ हाथ और डंडों से मारपीट की है. जिससे उनके शरीर और हाथ में गंभीर चोट आई है.

झूठे नक्सली प्रकरण में जेल भेजने की धमकी..
जनप्रतिनिधियों ने लिखा है कि क्षेत्र की संवेदनशीलता के बावजूूूद जान जोखिम मेंं रखकर जनता की सेवा करते हैं. नक्सलियों का भय हमेशा रहता है. लेकिन सुरक्षा के नाम पर तैनात सीआरपीएफ जवानों की मारपीट से हम पीड़ित हैं. गांव के उमेश मण्डावी को बुरी तरह से मारपीट किया गया है. वह अभी भी थाना कुकानार में रखा गया है. सीआरपीएफ अधिकारियों और कुकानार थाना प्रभारी द्वारा झूठे नक्सली प्रकरण में जेल भेजने की धमकी दी गई है.

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