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बेबाकी से लिखने वाले पत्रकारों को थाने के सामने पीटते हैं कांग्रेसी गुंडे-हूँगाराम

कांकेर में पत्रकारों से साथ हुई मारपीट की घटना को भाजपा जिला अध्यक्ष ने की निंदा…

सुकमा. शनिवार को कांकेर जिले में विधायक प्रतिनिधि व कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा पत्रकार कमल शुक्ल व एक अन्य पत्रकार के साथ मारपीट मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष हूँगाराम मरकाम ने कड़े शब्दों में निंदा की है. मीडिया को जारी बयान में श्री मरकाम ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून को ढाल बनाकर सत्ता में आई कांग्रेस का असली चेहरा सामने आया है. विपक्ष में रहते हर कदम पत्रकार के साथ खड़े रहने का दावा करते थे. आज गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर दी.

जिस प्रकार फिल्मों में दिखाया जाता था कि कैसे एक नेता के गुंडे पुलिस के सामने लोकतंत्र के हिस्से के साथ गुंडागर्दी और मारपीट करते हैं उसका जागता उदाहरण आज बस्तर के कांकेर जिले में देखने को मिला. जो भूपेश सरकार की गुंडाराज को दर्शाता है. कांग्रेसियों की इस हरकत की कड़ी निंदा करता हूं. हूँगाराम ने कहा आज कांकेर विधायक शिशुपाल सोरी के पाले हुए गुंडों द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ मारपीट की गई. इतना ही नहीं सुबह एक पत्रकार को घर से निकाल कर मारपीट करने के बाद इस पूरे मामले की शिकायत करने थाने जा रहे पत्रकारों की भीड़ पर हमला किया गया. सत्ता के नशे में चूर हो चुके इनके कार्यकर्ता और नेता अच्छे बुरे पहचान करना भी भूल गए हैं.

वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला के साथ भी कांग्रेस के गुंडों ने मारपीट की सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे यह जानकारी मिल पाई साथ ही मैंने मारपीट का पूरा वीडियो भी देखा वीडियो देखने के बाद मुझे काफी दुख हुआ कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस तरह की बर्बरता वो सरकार के गुंडे कर रहे हैं. जिनके मुखिया भूपेश बघेल पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने का दावा करते हैं. लेकिन इन्हीं के विधायक प्रतिनिधि गफ्फार मेमन ,पार्षद और कांग्रेस के एक कथित नेता गणेश तिवारी समेत 300 लोगों द्वारा वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला से गाली गलौज के साथ मारपीट की गई. ये भुपेश सरकार कि पत्रकारों को लेकर दोहरी मानसिकता दर्शाती है. इस घटना से ना केवल पत्रकारों में रोष है बल्कि जनता में भी भय का वातावरण बनता जा रहा है. कल डॉक्टर के साथ भी हो चुका ,आज पत्रकारों के साथ हुआ, आगे ना जाने किन के साथ क्या होगा?

हूँगाराम ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि असल मामला कोरोनाकाल में जनता से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से पत्रकारिता करने की वजह से इन कांग्रेसियों में पत्रकार के खिलाफ रोष था. जिसकी भड़ास कांग्रेसियों ने निकाली है जिले में लॉकडाउन कोरोनावायरस से जुड़ी खबरें रेत माफियाओं पर खबरें एवं भ्रष्टाचार अव्यवस्था पर लगातार कमल शुक्ला व अन्य एक पत्रकार लिख रहे थे. कुछ उपद्रवी कांग्रेसियों ने आखिरकार मारपीट कर अपनी सरकार की दोहरी मानसिकता जग जाहिर कर दी. कांग्रेस केवल जनता को लूटना व गुंडागर्दी करना ही जानती है. एक बड़ा सवाल है कि क्या अब ऊपर सरकार अपने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही करेगी यह पत्रकारों को केवल आश्वासन दिया जाएगा.

हूँगाराम ने कहा मैं ऐसे लोकतंत्र विरोधी तत्वों का विरोध करता हूं और साथ ही इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं. भूपेश सरकार को अपने इन कार्यकर्ताओं पर लगाम लगाने की आवश्यकता है. साथ ही पत्रकारों के साथ मारपीट करने वाले लोगों की तत्काल गिरफ्तारी हो और पार्टी से निलंबन की कार्यवाही भी करें.

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